बद्रीनाथ धाम में हेलीकॉप्टर दुर्घटना पर गहरा शोक एवं धाम की मर्यादा रक्षा हेतु कड़े कदमों की मांग

चमोली। ‘परमाराध्य’ परमधर्माधीश उत्तराम्नाय ज्योतिष्पीठाधीश्वर अनन्तश्रीविभूषित जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामिश्रीः अविमुक्तेश्वरानंदः सरस्वती ‘१००८’ जी महाराज ने कल बदरीनाथ धाम से दर्शन कर लौट रहे कर्नाटक राज्य के छः श्रद्धालुओं की हेलीकॉप्टर दुर्घटना अथवा मौसम व तकनीकी खराबी के कारण हुई अचानक एवं असमय मृत्यु पर गहरा दुःख व्यक्त किया गया है। इस भीषण त्रासदी से मन अत्यंत व्यथित एवं विचलित है। दिवंगत आत्माओं की शांति तथा शोक संतप्त परिवारों को इस कठिन समय में संबल प्रदान करने हेतु ईश्वर से प्रार्थना किए।
वक्तव्य में बद्रीनाथ धाम की प्राचीन परंपरा, पवित्रता और मर्यादा बनाए रखने पर विशेष जोर देते हुए कहा कि धाम परिसर एवं पवित्र यात्रा मार्ग पर अनधिकृत मानवीय गतिविधियों, जैसे कि डीजे बजाना, नाच-गाना एवं अन्य मनोरंजन कार्यक्रमों का आयोजन, तीर्थ स्थल की गरिमा के सर्वथा विपरीत है।
धर्मशास्त्रों एवं लोक आस्था के अनुसार, देवभूमि में मर्यादा का उल्लंघन करने से दैवीय शक्तियों का असंतोष व प्रकोप उत्पन्न होता है। अतएव, धाम की मौलिक और आध्यात्मिक प्रकृति को हर हाल में सुरक्षित रखा जाना चाहिए। प्रशासन एवं उत्तराखंड सरकार से मांग की है कि निम्नलिखित बिंदुओं पर त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई की जाए।



