उत्तराखंड

पोखरी क्षेत्र में भालू का आतंक, कई मवेशियों को बनाया निवाला, वन विभाग ने ड्रोन से शुरू की निगरानी

चमोली। जनपद के पोखरी क्षेत्र में भालू का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। भालू अब तक कई मवेशियों को अपना निवाला बना चुका है, जिससे क्षेत्र के ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ है।  कुछ महीने पहले भालू के हमले में दो महिलाओं की मौत भी हो चुकी है। लगातार बढ़ रही भालू की गतिविधियों और मवेशियों को हो रहे नुकसान से ग्रामीणों में सरकार और वन विभाग के प्रति भारी नाराजगी है। ग्रामीणों ने वन विभाग के खिलाफ सड़क पर उतरकर भी विरोध जताया था।

ग्रामीणों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए वन विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी और गश्त तेज कर दी है। गुरुवार, 5 नवंबर को उप प्रभागीय वनाधिकारी मोहन सिंह नेगी की मौजूदगी में नागनाथ रेंज की टीम ने भालू प्रभावित गांवों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान बंगथल, रडुवा, चांदनीखाल, कांडई, चंद्रशिला, जोरासी, किमोठा और भिकोना सहित विभिन्न गांवों में पहुंचकर भालू के हमले में मारे गए मवेशियों के स्थलों का निरीक्षण किया गया।

भालू की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए प्रभावित क्षेत्रों की ड्रोन कैमरे से फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी कर मैपिंग की गई। वहीं चांदनीखाल मुख्य बाजार में स्थानीय लोगों को भालू से सुरक्षित रहने के उपायों की जानकारी भी दी गई।

वन विभाग की टीम लगातार अलग-अलग क्षेत्रों में गश्त कर भालू की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है। हालांकि भालू के लगातार स्थान बदलने और अलग-अलग गांवों में मवेशियों पर हमले की घटनाओं से वन विभाग की चुनौती बढ़ गई है। इस दौरान वन क्षेत्राधिकारी कपिल गुसाईं, वन दरोगा आनंद सिंह रावत, वन दरोगा मोहन सिंह बर्त्वाल, वन बीट अधिकारी दीपक सिंह नेगी, विनोद नेगी सहित अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।

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