अल्मोड़ा। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय कन्वेंशन सेंटर में उत्तराखंड के अल्मोड़ा जनपद अंतर्गत ब्लॉक द्वाराहाट की ग्रामसभा डोटलगाँव की सामाजिक संस्था डोटलगाँव सेवा समिति, दिल्ली (पंजीकृत) द्वारा एक भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। उत्तराखंड के लोकप्रिय पर्व उत्तरायणी के उपलक्ष्य में आयोजित इस उत्तरायणी कौथिग की थीम रही— ‘आपण माटी, आपण पछ्याण’, जिसने प्रवासी ग्रामवासियों को अपनी मिट्टी, अपनी पहचान और अपनी सांस्कृतिक जड़ों से भावनात्मक रूप से जोड़े रखा।

दशकों से दिल्ली में बसे प्रवासी ग्रामवासियों को एक मंच पर लाने और सांस्कृतिक विरासत को संजोने के उद्देश्य से कार्यरत समिति के इस आयोजन में साहित्य, प्रशासन और सामाजिक सरोकारों से जुड़े उत्तराखंड के अनेक सम्मानित एवं प्रभावशाली व्यक्तियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। जिनमें दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच के ACP श्री कैलाश बिष्ट जी, सुपरिचित फ़िल्म निर्माता एवं रंगकर्मी श्री मनोज चंदोला, मशहूर साहित्यकार डॉ हरिसुमन बिष्ट, मशहूर स्वत्रंत पत्रकार एवं सामाजिक कार्यकर्ता चारू तिवारी जी, मशहूर लोकगायक मोहन मनराल, नौला फाउंडेशन के प्रेम बनेशी एवं जेएनयू के वरिष्ठ प्रोफ़ेसर्स सहित कई गण्यमान्य व्यक्तियों ने इस कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।

कार्यक्रम की खास बात यह रही कि समिति ने प्रवासी परिवारों के बच्चों को अपनी प्रतिभा प्रस्तुत करने का अवसर दिया। वहीं, हिमालया आर्ट्स और सारंगा आर्ट्स समूहों के कलाकारों ने मनमोहक प्रस्तुतियों से श्रोताओं का दिल जीत लिया। ग्रामसभा डोटलगाँव से आए लोकप्रिय वरिष्ठ लोकगायक एवं हास्य कवि प्रताप सिंह शाही (टाइगर), उभरती गायिका रुचि आर्या, कुंदन लाल आर्य, युवा गायक दीपक कुमैया तथा कवि बहादुर बिष्ट ने अपने-अपने अंदाज़ में ऐसा समा बांधा कि सभागार तालियों से गूंज उठा।
इस अवसर पर ग्रामसभा डोटलगाँव के ही युवा पैरामिलिट्री कमांडो हीरा शाही को उनकी जांबाजी और दिलेरी के साथ साथ शूटिंग में भारत का प्रतिनिधित्व करने पर गर्मजोशी के साथ सम्मानित किया।
समिति हर वर्ष दिल्ली में अपने प्रवासी ग्रामवासियों को एकत्र कर ऐसे आयोजन करती है, ताकि सभी एक साथ बैठकर भोजन साझा करें, आपसी संवाद बढ़े और अपनी संस्कृति का आनंद लें। यही नहीं, समिति गाँव और आसपास के क्षेत्रों के समग्र विकास के लिए भी निरंतर प्रतिबद्ध है।

इस अवसर पर समिति के संस्थापक लक्ष्मण सिंह शाही, संरक्षक प्रताप शाही, पूर्व अध्यक्ष नंदन शाही, वर्तमान अध्यक्ष राजवीर बिष्ट सहित कार्यकारिणी के सभी सदस्य उपस्थित रहे। समिति के महासचिव प्रभाकर शाही ने कहा, “हमारा एक ही संकल्प है कि दूर प्रदेश में रहते हुए भी एकजुट रहें, अपनी जड़ों को कभी न भूलें और संगठित प्रयासों से गाँव व क्षेत्र के विकास में योगदान दें।”
कार्यक्रम का कुशल मंच संचालन मोहन सिंह शाही ने किया। आयोजन को सफल बनाने में पूरन शाही, जीवन शाही, मनोज, धन सिंह शाही, लक्ष्मण शाही, गोपाल शाही, भुवन शाही, गोविंद कुमैया, पूरन बिष्ट, रूप सिंह बिष्ट सहित समिति के सदस्यों ने पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी से योगदान दिया। यह आयोजन न केवल सांस्कृतिक उत्सव था, बल्कि प्रवासी ग्रामवासियों के लिए अपनेपन, स्मृतियों और भविष्य की साझा प्रतिबद्धता का सशक्त प्रतीक भी बना।