टैक सिक्योरिटी ने सिर्फ़ एक महीने में (जनवरी में) 600 से ज्यादा क्लाइंट जोड़कर रिकॉर्ड तोड़ा

देहरादून। जिसे टैक सिक्योरिटी के नाम से जाना जाता है, दुनिया की 5वीं सबसे बड़ी वल्नरेबिलिटी मैनेजमेंट कंपनी है और वैश्विक साइबर सुरक्षा में सबसे तेज़ी से बढ़ने वाले नामों में से एक है। इस कंपनी ने सिर्फ एक ही महीने में यानी जनवरी में 600 से ज्यादा क्लाइंट जोड़ लिए हैं, यह दिखाता है कि मार्केट कितनी तेज़ी से ऐसे प्लैटफॉर्म्स के आस-पास एकजुट हो रहा है जो सिक्योरिटी आउटकम, ऑडिट की तैयारी और लगातार रिस्क विज़िबिलिटी दे सकते हैं- ऐंटरप्राइज़ स्पीड पर।

जनवरी में 600 से अधिक क्लाइंट जुड़ने से टैक इन्फोसैक लिमिटेड के स्केल-अप ऐग्ज़िक्यूशन का पता चलता है, जिसमें ईएसओएफ (ऐपसैक एवं वल्नरेबिलिटी मैनेजमेंट) से वृद्धि हुई और सॉसिफाई और साइबर स्कोप के साइबर स्कैन (स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट ऑडिट्स) से वृद्धि को बल मिला, जिससे कंपनी की प्रोडक्ट आधारित प्रगति दुनिया भर में मज़बूत हुई।

कंपनी ने इस उछाल का श्रेय तीन उच्च-वृद्धि पहलुओं में बढ़ती मांग को दियाः ईएसओएफ, टैक सिक्योरिटी का ऐप्लिकेशन सिक्योरिटी और वल्नरेबिलिटी मैनेजमेंट के लिए एंेटरप्राइज़ प्लैटफॉर्म; साइबरस्कैन, टैक सिक्योरिटी की वैब3 सिक्योरिटी कंपनी साइबरस्कोप का स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट ऑडिट ऑफरिंग; तथा सॉसिफाई, इसका हाल ही में लॉन्च किया गया SOC 2 कंप्लायंस प्लैटफॉर्म, जिसे तेज़ी से बढ़ रहे संगठन को कंप्लायंस को एक सिस्टम के तौर पर चलाने में मदद करने के लिए डिज़ाइन किया गया है, न कि किसी झंझट के तौर पर।

जनवरी में आई तेज़ी, टैक सिक्योरिटी के बताए गए लगातार स्केल-अप कर्व में सबसे नया डेटा पॉइंट है। कंपनी ने मार्च 2026 तक 10,000 क्लाइंट जोड़ने का लक्ष्य रखा है, और कंपनी का कहना है कि उसने अप्रैल 2024 से दिसंबर 2025 तक लगभग 8,000 क्लाइंट जोड़ लिए हैं – यह एक ऐसी रफ़्तार है जो इसे अनेक श्रेणियों में काम करने वाली सिक्योरिटी कंपनियों के लिए एक दुर्लभ मुकाम पर पहुंचाती है।

टैक सिक्योरिटी के संस्थापक और सीईओ त्रिशनीत अरोड़ा ने कहा, ’’हम खुशकिस्मत हैं कि हमने जो कहा, उसे हासिल कर लिया। हम अपने 2026 के लक्ष्य को पाने से बस कुछ ही कदम दूर हैं।’’

क्लाइंट की संख्या के हिसाब से टैक सिक्योरिटी अपनी श्रेणी में 5वीं सबसे बड़ी कंपनी बन गई है, जो 100 से ज्यादा देशों में ग्राहकों को सेवाएं दे रही है – इसका श्रेय इसके प्रोडक्ट-चालित प्लैटफॉर्म ईएसओएफ, साइबरस्कोप के साइबरस्कैन और सॉसिफाई को जाता है, जिन्हें तेज़ी से ग्लोबल ऑनबोर्डिंग और ऐंटरप्राइज-ग्रेड डिलीवरी के लिए डिज़ाइन किया गया है।

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