एयरटेल के 37.6 करोड़ ग्राहकों को डुओलिंगो देगा 12 महीने का सुपर सब्सक्रिप्शन

देहरादून। दुनिया के अग्रणी मोबाइल लर्निंग प्लेटफॉर्म डुओलिंगो ने भारत के सबसे बड़े दूरसंचार सेवा प्रदाताओं में से एक भारती एयरटेल के साथ साझेदारी की है। इस साझेदारी के तहत एयरटेल के 37.6 करोड़ ग्राहकों को बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के 12 महीने तक सुपर डुओलिंगो का लाभ मिलेगा।

डुओलिंगो दुनिया का सबसे लोकप्रिय भाषा सीखने का प्लेटफॉर्म है। इसका उद्देश्य दुनिया की बेहतरीन शिक्षा विकसित करना और उसे सभी के लिए सुलभ बनाना है। इसका भाषा सीखने वाला ऐप 40 से अधिक भाषाओं में पाठ्यक्रम उपलब्ध कराता है। छोटे-छोटे पाठों, गेमिफिकेशन, व्यक्तिगत सीखने और एआई-संचालित सुविधाओं के माध्यम से यह भाषा सीखने को रोचक, सुलभ और प्रभावी बनाता है। डुओलिंगो पर उपयोगकर्ता शतरंज, गणित और संगीत भी सीख सकते हैं।

इस साझेदारी से एयरटेल के ग्राहक डुओलिंगो के प्रीमियम, विज्ञापन-मुक्त सीखने के अनुभव का लाभ उठा सकेंगे। इसके तहत उन्हें अनलिमिटेड एनर्जी, एआई की मदद से रीयल-टाइम बोलने का अभ्यास, उनकी जरूरतों के अनुरूप अभ्यास और अपनी गलतियों की समीक्षा करने जैसी सुविधाएं मिलेंगी।

भाषा कौशल आज शिक्षा, करियर और वैश्विक अवसरों तक पहुंच का एक महत्वपूर्ण माध्यम बनते जा रहे हैं। इस साझेदारी के माध्यम से एयरटेल अपने ग्राहकों तक एक उच्च गुणवत्ता वाला डिजिटल लर्निंग प्लेटफॉर्म पहुंचाकर उन्हें बेहतर और विशिष्ट अनुभव देने की दिशा में एक और कदम बढ़ा रहा है। यह सुविधा ग्राहकों को आसान और रोचक तरीके से अपनी भाषा कौशल विकसित करने तथा नियमित रूप से सीखने की आदत बनाने का अवसर देती है।

सुपर डुओलिंगो की सदस्यता एयरटेल के मोबाइल, वाई-फाई और डीटीएच ग्राहकों के लिए उपलब्ध होगी। ग्राहक एयरटेल ऐप के माध्यम से इस ऑफर का लाभ उठा सकेंगे और इसके लिए किसी क्रेडिट कार्ड की आवश्यकता नहीं होगी।

इस साझेदारी पर टिप्पणी करते हुए डुओलिंगो इंडिया में बिजनेस डेवलपमेंट प्रमुख राशि धनानी ने कहा, “भारत हमारे सबसे महत्वपूर्ण बाजारों में से एक है। छात्रों, पेशेवरों और तेजी से वैश्विक होते कार्यबल की जरूरतों के कारण भाषा सीखने की मांग लगातार बढ़ रही है। भाषा सीखना सभी के लिए सुलभ, रोचक और ऐसा होना चाहिए जिसे लोग आसानी से अपनी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बना सकें। एयरटेल के साथ हमारी साझेदारी सुपर डुओलिंगो को और अधिक लोगों तक पहुंचाएगी। इससे देश भर के शिक्षार्थियों को बेहतर सीखने का अनुभव मिलेगा, साथ ही उन्हें मोटिवेटेड रहने और लगातार प्रगति करने के अधिक अवसर मिलेंगे।”

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