देहरादून। किसी भी ब्यूटी आइल से गुजरें तो आपको ऐसे सीरम, फेस मास्क और ओवरनाइट क्रीम्स की भरमार दिखाई देती है, जो तुरंत निखार का दावा करती हैं। लेकिन क्लिनिकल न्यूट्रिशनिस्ट्स के अनुसार, त्वचा वास्तव में शरीर के अंदर हो रही प्रक्रियाओं का ही प्रतिबिंब होती है। केवल स्किनकेयर से खराब आहार की भरपाई नहीं की जा सकती। जब शरीर आवश्यक सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी से जूझता है, तो उसका असर सीधे चेहरे पर नज़र आता है—जैसे त्वचा का बेजान दिखना, रूखापन या समय से पहले महीन रेखाएँ।
आपको एक वास्तविक और स्थायी निखार प्राप्त करने में मदद करने के लिए, जो रात में धोने से भी फीका न पड़े, रितिका समद्दार, रीजनल हेड डाइटेटिक्स, मैक्स हेल्थकेयर, उन छह आधारभूत पोषक तत्वों को समझाती हैं जो त्वचा को कोशिकीय स्तर से पोषण प्रदान करते हैं:
विटामिन E: कैलिफ़ोर्निया बादाम इसके सबसे समृद्ध आहार स्रोतों में से एक हैं, जिनकी कुछ मात्रा ही दैनिक आवश्यकता का एक महत्वपूर्ण हिस्सा पूरा कर सकती है, वह भी ऐसे रूप में जिसे शरीर आसानी से अवशोषित कर लेता है। इसे अपनी दिनचर्या में शामिल करने का एक सरल तरीका है—सुबह के स्मूदी में मिलाना या बाहर निकलने से पहले अनाज पर छिड़कना।
विटामिन C: आंवला, खट्टे फल (सिट्रस फ्रूट्स) और शिमला मिर्च इसके दैनिक सेवन को पूरा करने के सबसे विश्वसनीय स्रोतों में शामिल हैं।
ओमेगा-3 फैटी एसिड्स: फ्लैक्ससीड्स, बादाम और चिया सीड्स इसके व्यावहारिक पौध-आधारित स्रोत हैं, जिन्हें आसानी से दैनिक भोजन में शामिल किया जा सकता है।
जिंक: जिंक त्वचा में तेल (सीबम) के उत्पादन को नियंत्रित करता है और त्वचा की गहरी परतों में कोशिका मरम्मत को सपोर्ट करता है, इसी कारण इसे अक्सर साफ़ त्वचा और कम मुंहासों से जोड़ा जाता है। चना और साबुत अनाज इसके अच्छे दैनिक आहार स्रोत हैं।
बीटा-कैरोटीन: यह विटामिन A का पूर्वगामी है और त्वचा कोशिकाओं के नवीनीकरण (cell turnover) में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, जिससे मृत कोशिकाओं के जमाव से होने वाली त्वचा की बेजानता को रोका जा सकता है। यह त्वचा की रंगत में एक हल्की, प्राकृतिक गर्माहट भी जोड़ता है। गाजर, शकरकंद और पालक इसके सबसे सुलभ और किफायती स्रोतों में शामिल हैं।
बायोटिन: अक्सर बालों के स्वास्थ्य से जोड़ा जाने वाला बायोटिन त्वचा के लिए भी अत्यंत लाभकारी होता है। यह त्वचा के फैटी एसिड मेटाबॉलिज़्म को संतुलित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, जिससे त्वचा की सतह मुलायम, हाइड्रेटेड और कम संवेदनशील रहती है। अंडे, कैलिफ़ोर्निया बादाम जैसे नट्स और केला इस बी-विटामिन के सबसे सामान्य और सुलभ आहार स्रोतों में शामिल हैं।
रितिका समद्दार के अनुसार, इसके लिए किसी बड़े बदलाव की आवश्यकता नहीं है। ये छह पोषक तत्व एक संतुलित, मुख्यतः पौध-आधारित आहार के माध्यम से आसानी से प्राप्त किए जा सकते हैं, जो अधिकांश भारतीय रसोइयों में पहले से ही काफी हद तक मौजूद है। जिस निखार को लोग काउंटर पर हजारों रुपये खर्च कर पाने की कोशिश करते हैं, वह अक्सर पहले से ही उनकी थाली में मौजूद होता है।