अनुगुल। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान शनिवार को अनुगुल जिला पुलिस प्रशासन द्वारा आयोजित ‘वितरण मेला’ कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने इस पहल को जनसेवा की दिशा में एक सराहनीय और स्वागतयोग्य कदम बताया।
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम के माध्यम से विभिन्न समय पर खोए या चोरी हुए मोबाइल फोन और बाइक को बरामद कर उनके वास्तविक मालिकों को सम्मानपूर्वक वापस किया जा रहा है। उन्होंने आम लोगों के खोए सामान लौटाकर उनके चेहरे पर मुस्कान लाने के लिए पुलिस प्रशासन के इस समर्पित प्रयास की भूरि-भूरि प्रशंसा की।
केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि वरिष्ठ नागरिकों की सुविधा के लिए विशेष पहचान पत्र प्रदान किया जाना पुलिस की संवेदनशीलता को दर्शाता है और समाज के प्रति उसकी जिम्मेदारी को मजबूत करता है। श्री प्रधान ने कहा कि देश की न्यायिक व्यवस्था में बड़ा परिवर्तन लाते हुए अब ‘भारतीय न्याय संहिता’ का सफल क्रियान्वयन किया जा रहा है, जिससे औपनिवेशिक मानसिकता से बाहर निकलकर भारतीय मूल्यों पर आधारित न्याय प्रणाली को सुदृढ़ किया गया है। उन्होंने कहा कि कई दशकों बाद लागू हुए इस नए कानून ने शासन व्यवस्था को और अधिक सशक्त तथा जनोन्मुखी बनाया है।
उन्होंने अनुगुल जिला पुलिस की सराहना करते हुए कहा कि वह केवल अपराध नियंत्रण तक सीमित नहीं है, बल्कि नए कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन और सामाजिक जिम्मेदारी के समन्वय के साथ एक आदर्श उदाहरण प्रस्तुत कर रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि पुलिस प्रशासन की ऐसी सकारात्मक कार्यशैली आम जनता के बीच सुरक्षा और भरोसे को और मजबूत करेगी।