उत्तराखंड

डीजेटी माइक्रोफाइनेंस ने सुनील शर्मा को जोखिम नियंत्रण, सतर्कता एवं अंकेक्षण का राष्ट्रीय प्रमुख नियुक्त किय

देहरादून। कम आय वाले परिवारों को वित्तीय सेवाएं प्रदान कर रही आरबीआई में पंजीकृत एक गैर–बैंकिंग वित्तीय कंपनी–माइक्रोफाइनेंस संस्थान (एनबीएफसी–एमएफआई) डीजेटी माइक्रोफाइनेंस ने मजबूत प्रशासन, धोखाधड़ी की रोकथाम और परिचालन संबंधी लचीलेपन पर विशेष ध्यान देते हुए सुनील शर्मा को राष्ट्रीय प्रमुख–जोखिम नियंत्रण इकाई (RCU), सतर्कता एवं ऑडिट नियुक्त किया है। अपनी नई भूमिका में सुनील शर्मा कंपनी के कामकाज में जोखिम नियंत्रण, सतर्कता और अंकेक्षण संबंधी पहल का नेतृत्व करते हुए जिम्मेदार और टिकाऊ वृद्धि को प्रोत्साहन देंगे।

शर्मा के पास बैंकिंग एवं वित्तीय सेवाओं में 22 वर्षों से अधिक का अनुभव है जिसमें कोटक महिंद्रा बैंक में 19 वर्षों से अधिक का अनुभव शामिल है जहां उन्होंने जोखिम नियंत्रण और धोखाधड़ी जोखिम प्रबंधन के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर की जिम्मेदारियां संभाली हैं। उनकी विशेषज्ञता में ऋण वितरण से पूर्व एवं बाद के नियंत्रण, धोखाधड़ी का पता लगाना, प्रक्रियाओं में सुधार और टेक्नोलॉजी आधारित जोखिम प्रबंधन शामिल है।

इस नियुक्ति पर डीजेटी माइक्रोफाइनेंस के सीओओ श्री अविनाश कुमार ने कहा, “जैसे जैसे हम अपनी पहुंच का विस्तार कर रहे हैं और अपने कामकाज को मजबूत बना रहे हैं, उसे देखते हुए सुदृढ़ जोखिम प्रबंधन और प्रभावी प्रशासन हमारी विकास रणनीति के केंद्र में बने हुए हैं। जोखिम नियंत्रण और धोखाधड़ी रोकने के क्षेत्र में सुनील के व्यापक अनुभव से हमें अपने आंतरिक नियंत्रणों को और मजबूत करने, जवाबदेही बढ़ाने और एक अधिक लचीला परिचालन ढांचा तैयार करने में मदद मिलेगी।”

डीजेटी माइक्रोफाइनेंस के राष्ट्रीय प्रमुख (आरसीयू, सतर्कता और अंकेक्षण) सुनील शर्मा ने कहा, “मैं जोखिमों की सक्रिय पहचान, प्रभावी नियंत्रण और प्रक्रियाओं में बेहतर अनुशासन के माध्यम से संगठन के जोखिम प्रबंधन और अंकेक्षण ढांचे को मजबूत करने के लिए तत्पर हूं। मेरा ध्यान सतर्कता और जवाबदेही की एक ऐसी मजबूत संस्कृति का निर्माण करने पर होगा जो टिकाऊ विकास को बढ़ावा देने के साथ साथ व्यावसायिक ईमानदारी की रक्षा करे।”

यह नियुक्त डीजेटी माइक्रोफाइनेंस के उस ध्यान को और गहरा करती है जिसका उद्देश्य संस्थागत प्रशासन को मजबूत करना, जोखिम की निगरानी में सुधार लाना और टिकाऊ व्यावसायिक विकास को बढ़ावा देना है। 

 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button